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Miya Biwi Ke Rishte Me Social Media Ban Raha Diwaar.

 जब सोशल मीडिया रिश्तों में दूरी पैदा कर दे.

Why Women Drift Away from Husbands Due to Social Media?
Digital Distractions and Emotional Distance in Marriage.
Women ignoring husband because of social media.
How Online Influence Weakens Marital Bonds.
Emotional distance in marriage social media.
Social media addiction and family life.
Wife distant due to social media.
औरत सोशल मीडिया से मुताशिर हो कर अपने शौहर से दूर हो रही है. क्या आपने कभी सोचा?
वक़्त की सबसे बड़ी हकीकत – सोशल मीडिया मोहब्बत को कमज़ोर कर रहा है…
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सोशल मीडिया का असर: औरत अपने शौहर से क्यों दूर हो रही है?
आज की खवातीन सोशल मीडिया की चमक-दमक से इतनी मुताशिर हो चुकी है कि उनका दिल अब अपने शौहर की मोहब्बत में पहले जैसा सुकून नहीं ढूंढता। लाइक्स और फॉलोअर्स की दुनिया ने रिश्तों की गर्माहट को ठंडा कर दिया है। ये हकीकत सिर्फ एक घर की नहीं, बल्कि आज के दौर का सबसे बड़ा इम्तिहान है – जब वर्चुअल दुनिया असली मोहब्बत पर भारी पड़ने लगे।

आज की दुनिया में औरत के पास हर चीज़ मौजूद है—घर की आसिश, शौहर की मोहब्बत, बच्चों की हंसी, और वो सहुलियते जो कल की नस्लों ने ख्वाब भी न देखे थे। फिर भी दिल में एक ख़ला क्यों महसूस होता है?
 क्यों वो ख़ुशी की तलाश में सोशल मीडिया की चमक दमक की तरफ़ लपकती है? 
ये सवाल हर घर की दीवारों में गूंज रहा है, और जवाब छुपा है स्क्रीन की रौशनियों के पीछे।  

 सोशल मीडिया के ख़्वाब: हकीक़त से दूर की कहानियां

सोशल मीडिया एक जादुई दुनिया है जहां हर तस्वीर कामिल लगती है। हर जोड़ा हंसता मुस्कुराता दिखाई देता है, लग्ज़री कारों में घूमता है, और तोहफ़ों का पहाड़ मिलता है। औरत देखती है तो सोचती है, "मेरा शौहर तो ऐसा क्यों नहीं?" वो भूल जाती है कि ये सब कैमरे का खेल है—एक लम्हे की चमक, जो असल ज़िंदगी की जद्दोजहद को छुपा लेता है।  

हकीक़त में मोहब्बत लाइक्स और कमेंट्स से नहीं, दिल के एहसासात से बनती है। आपका शौहर जो रोज़ सुबह उठता है, घर की ज़िम्मेदारी उठाता है, आपकी मुस्कुराहट के लिए मेहनत करता है—वो आपकी सबसे बड़ी नेमत है। लेकिन सोशल मीडिया के झूठे ख़्वाबों ने उसे इम्तिहान बना दिया है।  

 शुक्र छोड़ने का नतीजा: रिश्ते की कमज़ोरी

जब औरत शुक्र की जगह़ तक़ाबुल ले आती है, तो रिश्ता कमज़ोर पड़ने लगता है। हर दिन नई शिकायत—"ये तो ऐसा नहीं करता, वो तो ऐसा करता है!" मांगें बढ़ती जाती हैं, मोहब्बत बोझ बन जाती है। शौहर सोचता है, "मैं तो ख़ुशी के लिए जीता हूं, फिर ये इम्तिहान क्यों?"  

याद रखें, अल्लाह ने हमें शुक्रगुज़ारी सिखाई है। क़ुरान में है कि शुक्र करने वालों के लिए नेमतें बढ़ाई जाती हैं। सोशल मीडिया का जोड़ा शायद कैमरे के सामने खुश हो, मगर पीछे रो रहा हो। आपका घर, आपका शौहर—ये अल्लाह की दी हुई हकीक़त है, इसे शुक्र से संवारें।  

असली मोहब्बत का राज़: इज़्ज़त और नरमी.

इस्लाह की बात करें तो औरत जब अपने शौहर का इज़्ज़त करे,उसकी मेहनत को सराहे, तो घर जन्नत बन जाता है। सोशल मीडिया को देखें मगर उस पर न जिएं। अपनी ज़िंदगी को अपनी आंखों से देखें—वो छोटे लम्हे जहां शौहर थका घर आता है और आपकी एक मुस्कुराहट से सुकून पा लेता है।  

ज़िंदगी तब हसिन हो जाती है जब तक़ाबुल ख़त्म हो और शुक्र शुरू हो। शौहर से मोहब्बत करें, उसे अपना हीरो बनाएं। देखें कैसे वो और भी मेहनत करेगा, घर की फ़िज़ा बदल जाएगी, और रिश्ता मज़बूत हो जाएगा। औरत बदले तो सब बदल जाता है.
 आज से तबदीली का एहद: घर को जन्नत बनाएं

आइए, आज से शुक्र का अहद करें। सोशल मीडिया को वक़्त दें मगर हकीक़त को तरजीह दें। शौहर को बताएं कि वो आपकी दुनिया है। छोटी छोटी खुशिया मनाएं, नरमी से बात करें। फिर देखें अल्लाह कैसे बरकत देगा। ये न सिर्फ़ रिश्ता बचाएगा बल्कि आपका दिल भी सुकून पाएगा।  
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